
“MBU कार्य में भारी लापरवाही उजागर, शिविरों के बावजूद लक्ष्य अधूरा—कलेक्टर ने शिक्षा अधिकारियों को थमाया नोटिस, 17 अप्रैल तक मांगा जवाब”
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही।जिले में Mandatory Biometric Update (MBU) के कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कार्यालय, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शासन के निर्देशानुसार MBU कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित थी, लेकिन इसके बावजूद जिले में यह कार्य अधूरा रह गया।


प्रशासन द्वारा इस कार्य को समय पर पूरा करने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन भी किया गया था और संबंधित शिक्षा अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बावजूद अधिकारियों की उदासीनता और रुचि की कमी के कारण लक्ष्य हासिल नहीं हो सका, जिसे प्रशासन ने बेहद गंभीर माना है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारियों के इस रवैये से यह प्रतीत होता है कि वे न तो शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर हैं और न ही उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन करने में रुचि रखते हैं। ऐसे में प्रशासन ने इस पूरे मामले को अनुशासनहीनता की श्रेणी में लेते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
कलेक्टर द्वारा सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे दिनांक 17 अप्रैल 2026 को शाम 5 बजे तक अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस सख्ती से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई तय है।
जब शिविर लगाकर पूरी व्यवस्था बनाई गई थी, तो आखिर किसकी लापरवाही से MBU जैसे महत्वपूर्ण कार्य अधूरे रह गए? क्या इस मामले में सिर्फ जवाब लेकर कार्रवाई पूरी होगी या जिम्मेदारों पर ठोस कदम उठाए जाएंगे?















